नेपाल में तबाही के 9 दिन बाद चमत्कार; सुरंग से जिंदा निकाले गए दो मजदूर
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के नौ दिन बाद, त्रिशूली में एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो मजदूरों को जिंदा बचाया गया है।

Nepal Desk; नेपाल में अचानक आई बाढ़ के नौ दिन बाद, त्रिशूली में एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की टनल से कम से कम दो लोगों को जिंदा बाहर निकाला गया है।
इस रेस्क्यू ऑपरेशन ने यह उम्मीद जगा दी है कि अंदर अभी भी कुछ और लोग फंसे हो सकते हैं, जिन्हें जिंदा बाहर निकाला जा सकता है।
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की टनल से जिंदा निकाले गए दो मजदूर
लोकल टीवी न्यूज चैनलों ने कीचड़ से सने उन वर्करों की तस्वीरें दिखाईं, जिन्हें रेस्क्यू करने वाले लोग अपने कंधों पर उठाकर त्रिशूली 3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से बाहर ला रहे थे।
आर्मी के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजा राम बस्नेत ने रेस्क्यू ऑपरेशन में दो मजदूरों के बचाए जाने की पुष्टि भी की। इसके कुछ ही देर बाद, नेपाल के सांसद राम न्यूपाने ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन की तस्वीरें अपने फेसबुक पर पोस्ट कीं।
कैसे हुआ मजदूरों का रेस्क्यू?
बाढ़ से प्रभावित नुवाकोट जिले के पुलिस चीफ बिपिन रेग्मी ने सीएनएन से बातचीत में बताया, ‘इस बचाव अभियान में एक बड़ी कामयाबी मिली है। बचाव दल को सुरंग के अंदर से आवाजें सुनाई दीं, जिससे और लोगों के जीवित मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।’
यहां बचाव दल सुरंग खोदकर उन 42 कर्मचारियों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, जिनका कोई पता नहीं चल पा रहा था। वीडियो में लगभग एक दर्जन बचावकर्मी जमीन पर बने एक छोटे से छेद से एक व्यक्ति को बाहर निकालते और उसके बाहर आते ही तालियां बजाते हुए दिखाई दिए।
500 मजदूरों के सुरंग में फंसे होने की आशंका
नेपाल में आई बाढ़ के बाद से ही हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। लोकल अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल में 12 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से लगभग 900 वर्कर लापता हैं, जिनमें से करीब 500 के सुरंगों में फंसे होने की आशंका है।
नेपाल बाढ़ में 1200 से ज्यादा लोगों की मौत
नेपाल की डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी के मुताबिक, 26 अगस्त को भोटेकोशी में अचानक आई बाढ़ में अब तक 1,290 लोगों की मौत हो चुकी है और 5,000 से ज्यादा लोग लापता हैं।

