बिहार के इंजीनियर चंद्रशेखर सिंह के 4 ठिकानों पर छापा, पत्नी के नाम दार्जिलिंग में करोड़ों की जमीन
ग्रामीण कार्य विभाग के इंजीनियर चंद्रशेखर सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में निगरानी विभाग ने चार ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान दार्जिलिंग में पत्नी के नाम करोड़ों की जमीन, 5 लाख नकद और 250 ग्राम आभूषण बरामद हुए, जिसकी जांच जारी है।

Bihar Desk; ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में निगरानी की कार्रवाई के दौरान पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में पत्नी के नाम पर 31 कट्ठा जमीन होने की जानकारी सामने आई है। वर्ष 2021 में खरीदी गई 92 डिसमिल जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट स्थित बताई गई है।
पटना-कटिहार से 5 लाख नकद, आभूषण भी मिले
छापेमारी के दौरान पटना स्थित आवास से तीन लाख रुपये और कटिहार स्थित आवास से दो लाख रुपये नकद बरामद किए गए। कटिहार के लोहिया नगर स्थित मकान से करीब 250 ग्राम सोने-चांदी के आभूषण भी मिले हैं।
निगरानी की टीम बरामद नकदी, आभूषण और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। वहीं, दार्जिलिंग में मिली जमीन के खरीद संबंधी कागजात और उसके वर्तमान बाजार मूल्य का सत्यापन किया जा रहा है।
1.10 करोड़ की आय से अधिक संपत्ति का आरोप
चंद्रशेखर सिंह छपरा में ग्रामीण कार्य विभाग के गुणवत्ता परीक्षण से संबंधित कार्यपालक अभियंता के पद पर तैनात हैं। उनके खिलाफ करीब 1.10 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में निगरानी थाना कांड संख्या 121/2026 के तहत 13 अक्टूबर 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
इसी मामले में जांच आगे बढ़ाते हुए निगरानी की टीम ने गुरुवार को अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। आरोपों की पुष्टि जांच और संबंधित साक्ष्यों के आधार पर होनी है।
छपरा से दार्जिलिंग तक चार ठिकानों पर तलाशी
निगरानी की टीम एक साथ चार ठिकानों पर तलाशी ले रही है। इनमें छपरा स्थित कार्यालय, पटना के सरयुग वमिका अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर 103, कटिहार के लोहिया नगर स्थित आवास और पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के फांसीदेवा थाना क्षेत्र में स्थित ठिकाना शामिल है। जांच का उद्देश्य कथित आय से अधिक संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का पता लगाना है।
पत्नी के नाम जमीन, परिसंपत्ति विवरणी में उल्लेख नहीं
जांच में सामने आया है कि अभियंता की पत्नी श्वेता कुमारी के नाम पर खरीदी गई जमीन का उल्लेख विभाग को सौंपी गई वर्ष 2025-26 की परिसंपत्ति विवरणी में नहीं किया गया था।
निगरानी की टीम अब जमीन की खरीद से जुड़े दस्तावेजों, भुगतान के स्रोत और मौजूदा बाजार मूल्य की पड़ताल कर रही है। परिसंपत्ति विवरणी में जमीन का उल्लेख नहीं किए जाने के कारणों की भी जांच की जा रही है।



