
श्रावस्ती:बिन पैसे कैसे हो दवाई, पढ़ाई, शादी।किसी के परिवार में कोई बीमार है,किसी के घर मे शादी है तो किसी को पढ़ाई के लिए पैसे की जरूरत है। मेहनत करके शायद ऐसे जरूरतों के लिए पैसे इकट्ठे भी करते हैं।लेकिन लोग आज अपनी जमा पूंजी के लिए बैंक के चक्कर काट रहे है। और इन्हें मिल रही है तारीख पर तारीख और दुत्कार। जिससे लोगों में काफी निराशा है। शिकायत करें भी तो किससे। कोई सुनने को भी तैयार नही है।बैंक में पैसा निकालने आये रमेश कुमार ने बताया कि उनकी लड़की की शादी है। जिसके लिए एक-एक रुपया बैंक में जमा किया गया था। लेकिन कई दिनों से दौड़ने के बाद बैंक मैनेजर द्वारा बताया जाता है कि बैंक में पैसा नहीं है और नहीं निकल पाएगा।
अब आखिर में लड़की की शादी के लिए सामान कहां से लाएं। वहीं पर मौजूद महिला खाताधारक रामकली नके ताया कि उनके लड़के की तबीयत काफी खराब है। लेकिन पैसे के अभाव में इलाज नहीं हो पा रहा है। लाइन में लगे जमुना प्रसाद ने बताया कि दिनभर लाइन में लगने के बाद शाम को मैनेजर साहब द्वारा डांट कर भगा दिया जाता है। लेकिन जो बड़े रकम वाले चेक ले करके पहुंचते हैं। जिनके द्वारा गांव में डिजिटल पेमेंट्स के जरिए कमीशन पर पैसे निकाला जाता है। उन लोगों का पैसा बैंक में चाहे 50 हजार हो या एक लाख मैनेजर द्वारा निकाल दिया जाता है।


