Breaking NewsSpecialराजनीती

क्या नीतीश कुमार के कहने पर केंद्रीय मंत्री बने थे आरसीपी सिंह? मुख्यमंत्री ने खुद बताया

क्या नीतीश कुमार के कहने पर केंद्रीय मंत्री बने थे आरसीपी सिंह? मुख्यमंत्री ने खुद बताया

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी करीबी और जनता दल यूनाइटेड के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि आरपीसी सिंह उनकी अनुमति के बिना केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री बने और फिर अपनी पार्टी को कमजोर करने के लिए बीजेपी के साथ सांठगांठ की. उन्होंने कहा कि हमने आरसीपी को कई अधिकार दिए थे, लेकिन उन्होंने बहुत गड़बड़ की.

पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने हाल ही में जेडीयू से इस्तीफा दिया था. आरसीपी सिंह और नीतीश कुमार कभी बेहद करीबी रहे थे. जेडीयू ने इस साल आरसीपी सिंह को राज्यसभा में जाने का मौका नहीं दिया था जिसके बाद उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था. तभी से आरसीपी सिंह और नीतीश कुमार के रिश्ते में खटास पड़ गई थी.

आरसीपी सिंह ने क्या कहा था?

आरसीपी सिंह ने पार्टी छोड़ते वक्त जेडीयू और नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि, “जेडीयू एक डूबता हुआ जहाज है.” नीतीश कुमार को लेकर उन्होंने कहा था कि, “कौन सा मुख्यमंत्री तीन-चार घंटों तक बैठकर गप्पे मारता है.” साथ ही आरसीपी सिंह ने कहा था कि उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री बनने के लिए नीतीश कुमार ने कहा था.

नीतीश कुमार ने किया पलटवार

आरसीपी सिंह के इसी बयान पर अब नीतीश कुमार ने पलटवार किया है. बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा, “हम केंद्रीय मंत्रिमंडल में चार मंत्री पद चाहते थे. जब हमें केवल एक मंत्री पद मिला तो मैंने विरोध किया था. बीजेपी के बिहार से 17 सांसद हैं और जदयू के 16 सांसद हैं. उनके पास पांच मंत्री थे और हमें केवल एक मिला. इसलिए मैंने मना कर दिया और आरसीपी सिंह ने मेरी अनुमति के बिना केंद्रीय मंत्रिमंडल में भाग लिया. वह तब पार्टी अध्यक्ष थे और उन्होंने मेरी पार्टी को कमजोर करने के लिए बीजेपी के साथ सांठगांठ की.”

“आरसीपी सिंह ने बहुत गड़बड़ की”

नीतीश कुमार ने कहा कि, “मैंने आरसीपी सिंह को कभी मंत्री नहीं बनाया. मैंने उन्हें पार्टी अध्यक्ष बनाया था. वह खुद मंत्री बने और बीजेपी से सांठगांठ कर ली. आरसीपी सिंह ने बहुत गड़बड़ की. साथ ही उन्होंने कहा कि, “हमारी पार्टी के लोगों की बहुत पहले से इच्छा थी. चुनाव के बाद भी जीतने वालों ने बताया कि हमें किसी ने समर्थन नहीं दिया और हारने वाले सभी बोले कि बीजेपी वालों ने हराया है.”

महागठबंधन के साथ बनाई सरकार

बता दें कि, नीतीश कुमार ने बीते मंगलवार को बीजेपी से गठबंधन तोड़ते हुए महागठबंधन में अपने पूर्व सहयोगियों- राजद कांग्रेस और वामपंथियों के साथ हाथ मिलाया और बिहार के राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा था. जदयू नेता नीतीश कुमार ने बुधवार को 8वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. वहीं राजद के तेजस्वी यादव ने डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ली थी. नीतीश कुमार को 24 अगस्त को बिहार विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट का सामना करना है.

Related Articles

Back to top button
Bharat AtoZ News
Close