धड़ाधड़ होती रही गालीबाज श्रीकांत त्यागी के घर पर कार्रवाई
धड़ाधड़ होती रही गालीबाज श्रीकांत त्यागी के घर पर कार्रवाई

रोचक बात है कि त्यागी के यहां जब कार्रवाई की जा रही थी, तब फ्लैट के ऊपर एक अन्य फ्लैट की बाल्कनी पर एक परिवार तिरंगे के साथ नजर आया। समझा जा सकता है कि वह परिवार राष्ट्रीय झंडे के जरिए यह संदेश देना चाहता था कि सोसायटी के लोगों के साथ न्याय हुआ है।सोसायटी में रहने वाले अलग-अलग लोगों ने टाइम्स नाउ नवभारत को बताया- इन्होंने (त्यागी परिवार) बिल्डर के नक्शे से इतर फ्लैट को महल जैसा बना रखा था। उसे बिल्डर जैसा ही होना चाहिए…इसे भी तोड़ा जाए। वे लोग सोसोयटी के लोगों को धमकाते थे। हम उनके पार्क के आसपास जाते थे, कुत्ता छोड़ देने की धमकी दी जाती थी।
यही वजह है कि लोग वहां जाने से खौफ खाते थे। बच्चों की लड़ाई में दो साल पहले त्यागी की पत्नी अनु ने बाउंसरों के जरिए कुछ लोगों को कथित तौर पर पिटवाया था। नोएडा पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपी गाजियाबाद के हैं। गिरफ्तार लोगों के कुछ साथी मौके से भाग निकले, जिनकी तलाश फिलहाल जारी है। सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दरअसल, सोसायटी में रहने वाली पीड़िता के घर रविवार रात लोकेंद्र त्यागी, राहुल त्यागी, रवि पंडित, प्रिंस त्यागी, नितिन त्यागी, चर्चिल राणा सहित 10 से अधिक लोग पहुंच गए थे।
इन्होंने श्रीकांत के खिलाफ मामला दर्ज कराने वाली महिला के साथ बदसलूकी की और उसे धमकाया था।यूपी के गौतमबुद्धनगर के नोएडा सेक्टर-93बी में आवासीय सोसायटी में नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए श्रीकांत त्यागी द्वारा कुछ पेड़ लगाने पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद त्यागी ने महिला के साथ कथित तौर पर अभ्रद व्यवहार किया और उसे धक्का भी दिया था। घटना से जुड़े कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया के जरिए सामने आए थे, जिनमें वह पीड़िता को गंदी-गंदी गालियां देता दिखा था।
मामला दर्ज होने के बाद से ही त्यागी फरार है। आरोपी श्रीकांत त्यागी के खिलाफ पहले से ही हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं। वह खनन के कारोबार में भी संलिप्त है। उसके भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का करीबी होने की बात भी कही जा रही है। करीब 10 साल पहले पाकिस्तान के नंबर से मिली धमकी के बाद वह चर्चा में आया था। इस संबंध में शिकायत करने के बाद उसे पुलिस सुरक्षा दी गई थी, जिसको लेकर भी विवाद है कि आखिर उसे सुरक्षा किस आधार पर दी गई थी




