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जब पुल पर असली भूत देखकर Rajpal Yadav की हालत हुई खराब

भूत बंगला (Bhoot Bangla) की रिलीज से पहले राजपाल यादव ने असली भूत से जुड़ा डरावना किस्सा शेयर किया है।

Bollywood; हिंदी सिनेमा के बेहतरीन कॉमेडी एक्टर्स में शुमार राजपाल यादव (Rajpal Yadav) ने अनोखी टाइमिंग और सहज अभिनय से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है। उनकी कामेडी में सिर्फ हंसी ही नहीं, बल्कि गहराई और मानवीय भावनाएं भी झलकती हैं।

निर्देशक प्रियदर्शन के साथ उनकी जोड़ी पसंद की जाती रही है। आगामी 10 अप्रैल को रिलीज हो रही प्रियदर्शन निर्देशित भूत बंगला (Bhoot Bangla) में राजपाल फिर कॉमेडी करते दिखेंगे। Rajpal ने कॉमेडी, लुक्स और जिंदगी के अनुभवों पर बातचीत की है।

प्रियदर्शन को आप कार्टून टॉम एंड जेरी के जेरी जैसे लगते हैं?

प्रियम जी  अपने क्राफ्ट के मास्टर हैं। उनके बारे में कुछ भी कहना सूरज को दीया दिखाने जैसा है। उन्होंने हिंदी के साथ दक्षिण भारत में ढेरों फिल्में बनाई हैं। उनमें तो कई सुपरहिट रही हैं। उनके पात्र टॉम और जेरी जैसे जीवंत और मनोरंजक होते हैं। मुझे भी टीम 11 का महत्वपूर्ण हिस्सा बना लेते हैं। उनके साथ काम करना मजेदार भी होता है और बहुत सीखने को भी मिलता है।

प्रियदर्शन ने आपकी कॉमेडी करने के स्टाइल को कैसे प्रभावित किया?

वह जब कोई फिल्म बनाते हैं तो कोई नया विचार लेकर आते हैं और खुद को दोहराते नहीं हैं। इसलिए हम लोग मानसिक रूप से तैयार रहते हैं कि बॉडी तो यही है शब्द इधर-उधर से पकड़ेंगे लेकिन प्रियदर्शन के विचारों को एक छात्र के रूप में समझने की कोशिश करते हैं। भूत बंगला का पात्र करते हुए मुझे बहुत आनंद आया। फिल्म में हॉरर, कॉमेडी का बेहतरीन मिश्रण है।

भूत बंगला असरानी की आखिरी फिल्म है…

उनके लिए मैं बच्चा समान था। उनकी फिल्म शोले को थिएटर में देखकर तालियां बजाई थीं। बचपन में जिनके लिए तालियां बजाईं, उनके साथ बहुत बार काम करने का सौभाग्य मिला, यह बड़ी बात है। असरानी जी मेरे लिए किताब की तरह थे। जब तक भारतीय सिनेमा है असरानी जी अमर रहेंगे । मुझे यकीन है कि वह जहां भी होंगे, वहां भी उन्हें तालियां मिल रही होंगी।

सर्वश्रेष्ठ फिल्म या सर्वश्रेष्ठ एक्टर का अवॉर्ड कॉमेडी कलाकार को नहीं मिलता…

सिनेमा सौ साल से ज्यादा समय से चल रहा है, अगर सबके हिसाब से कुछ अच्छा है तो मेरे लिए भी अच्छा है। अगर कुछ परिवर्तन है तो मेरे लिए भी है लेकिन दुनिया की कोई भी ऐसी चीज नहीं है जो हंसी को छोटा कर दे। मुझे लगता है कि कॉमेडी सर्वश्रेष्ठ श्रेणी में रहा है और रहेगा। बाकी चीजें बैठकर बात करने की हैं।

मैं इस बारे में ज्यादा सोचता नहीं हूं। मेरी कला ही मेरा जुनून है । उसे जीने में मजा आता है। मुझे आज तक पता भी नहीं कि अवॉर्ड का फैसला कैसे होता है? अवॉर्ड कैसे मिलते हैं? जो मिल गया वो आशीर्वाद । जो नहीं मिला उसे जीतने का सपना। वैसे अवॉर्ड से मेरे दो कमरे भर गए हैं। बाकी अगर कोई गले लगाकर कहे कि तुमने बहुत अच्छा काम किया है तो यह भी दुनिया का बहुत बड़ा अवॉर्ड है।

अगर आपके साथ भूतिया बंगले में अक्षय कुमार, सलमान खान जैसे कई सितारे हो तो उनमें किसे डरा पाना आसान होगा?

तब तो भूत ही भाग जाएंगे। (हंसते हुए) इन सब शरीर वाले भूतों से कौन पंगा लेगा। भूत कहेंगे, जब तक यह जिंदा भूत रह रहे हैं तब तक हम बाहर कहीं टहल कर आते हैं, वो छुट्टी मनाने चले जाएंगे ।

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