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बॉलीवुड में मिला धोखा, चोरी हुई थी स्क्रिप्ट…जानिए आदित्य धर की सच्चाई

आदित्य धर ने 'धुरंधर 2' की सफलता के बाद अपनी 20 साल की संघर्षपूर्ण यात्रा साझा की। बचपन में डिस्लेक्सिया से जूझने और बॉलीवुड में स्क्रिप्ट चोरी होने जैसे धोखे सहने के बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी। प्रियदर्शन और विशाल भारद्वाज जैसे दिग्गजों के प्रोत्साहन से उन्हें प्रेरणा मिली।

Bollywood; धुरंधर 2 (Dhurandhar) की सफलता के बाद से हर तरफ आदित्य धर (Aditya Dhar) की चर्चा हो रही है। फिल्म देखने के बाद फैंस उनकी क्रिएटिविटी, डायरेक्शन और ‘पीक डिटेलिंग’ की तारीफ कर रहे हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि आदित्य ने ये मुकाम करीब 20 साल इंडस्ट्री में काम करने के बाद हासिल किया?

कहां से शुरू हुआ सफर

आदित्य ने भले ही साल 2019 में उरी के जरिए डेब्यू किया था लेकिन इससे पहले उनकी कई फिल्में थीं जो आने वाली थी लेकिन कभी प्रोजेक्ट बीच में रुक गया तो कभी एक्टिंग से 15 दिन पहले शूटिंग ही कैंसिल हो जाती। बॉलीवुड के धुरंधर डायरेक्टर की जर्नी पर एक नजर।

पढ़ाई में कमजोर थे आदित्य

आदित्य धर बचपन से पढ़ाई में कमजोर थे और उन्हें डिस्लैक्सिया था। निर्देशक ने खुद एक इंटरव्यू में बताया कि उन्हें दो से तीन पन्ने पढ़ने में पूरा एक दिन लग जाता था। पढ़ाई से दूर आदित्य को ड्रामा में इंटरेस्ट था क्योंकि उनकी मां दिल्ली फैकल्टी ऑफ म्यूजिक एंड ऑर्ट्स में म्यूजिशियन थीं। घर में हमेशा क्लासिकल म्यूजिक का माहौल था, आर्टिस्ट घर पर आते थे इसलिए उनका रुझान धीरे-धीरे उस तरफ बढ़ने लगा।

इंडस्ट्री ने दिया धोखा

आदित्य 5 सितंबर 2006 को मुंबई आए थे। 2013 में वह अपनी पहली फिल्म बनाने वाले थे लेकिन वो किसी वजह से नहीं बन पाई। इसके बाद 2016 में ये मौका आया लेकिन फाइनली 2019 में उनकी पहली फिल्म आई। उन्होंने बताया कि उन्हें जिंदगी में बहुत धोखा मिला। कई फिल्मों की स्क्रिप्ट उनसे चोरी कर ली गई और दूसरे ने 100-100 करोड़ की फिल्म बना ली।

आदित्य धर के मुताबिक, इसकी सबसे बड़ी वजह थी बार-बार मिला धोखा था। उन्होंने कहा- ‘मुझे कई बार धोखा मिला। लोगों ने मेरी स्क्रिप्ट चुरा ली और उन्हीं स्क्रिप्ट्स से 100 करोड़ की फिल्में बना लीं।’

प्रियदर्शन ने दिया हौसला

इस मोमेंट पर आदित्य थक चुके थे कि बस अब नहीं होगा। ऐसे समय में उनकी मुलाकात रॉबिन भट्ट, प्रियदर्शन और विशाल भारद्वाज से हुई जिन्होंने उनके अंदर उस बुझे हुए दिए को फिर से जलाया और कहा कि तुम्हारे अंदर कुछ बात है, रुक जाओं कर लोगे और यहीं से शुरू हुई असली धुरंधर की कहानी।

बता दें कि आदित्य धर ने कई सारी फिल्मों में गाने लिखे और कुछ एक शॉर्ट फिल्म भी डायरेक्ट की। साल 2006 की फिल्म काबुल एक्सप्रेस के तौर पर उन्होंने सॉन्ग राइटर के तौर पर एंट्री की। इसके बाद 2007 में प्ले इट लाउड नाम की एक एल्बम के सारे गाने उन्होंने लिखे। इसके अलावा डैडी कूल और फिर आदि नाम भी इसमें शामिल हैं।

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