यूपी में अब झूठा मुकदमा दर्ज कराने वालों पर होगी कार्रवाई,DGP राजीव कृष्ण ने दिया बड़ा आदेश
यूपी पुलिस अब झूठा मुकदमा दर्ज कराने वालों पर सख्त हो गई है। अगर अब कोई झूठा मुकदमा दर्ज कराया है और आरोपी निर्दोष मिलता है तो शिकायतकर्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

Uttar Pradesh; उत्तर प्रदेश में अब झूठा मुकदमा दर्ज कराने वालों की खैर नहीं होगी। डीजीपी राजीव कृष्ण ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि गलत तथ्य पाए जाने पर और झूठी गवाही देने वाले के खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज किया जाए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हाई कोर्ट ने पुलिस को दिए थे निर्देश
14 जनवरी 2026 को हाई कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया था। हाई कोर्ट ने कहा था कि जांच के बाद अगर तथ्य गलत मिलते हैं तो उसकी सूची तैयार की जाए और ऐसे लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।
निर्दोष पाए जाने पर जांच की जाएगी
सभी अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी मामले की जांच के बाद पुलिस कोर्ट में फाइनल रिपोर्ट (क्लोजर रिपोर्ट) लगाती है। उसके बाद आरोपी निर्दोष पाया जाता है तो उसकी जांच की जाएगी कि पुलिस तंत्र का कहीं दुरुपयोग तो नहीं हुआ है।
जांच में ये सामने आता है कि शिकायतकर्ता या गवाह झूठे और भ्रामक तथ्यों की जानकारी दी है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित धाराओं के तहत मजिस्ट्रेट के सामने लिखित शिकायत पेश करना जरूरी होगा।
यूपी पुलिस हुई सख्त
बता दें कि लोग आपसी लड़ाई में फर्जी मुकदमा दर्ज करा देते हैं, जिसमें सुनवाई के दौरान आरोप गलत पाए जाते हैं। ऐसे कई मामले कोर्ट में रोज मिलते हैं। इसको देखते हुए हाई कोर्ट ने यूपी पुलिस को निर्देश दिए थे। अब पुलिस इस मामले में सख्त हो गई है। अगर अब कोई फर्जी मुकदमा और झूठी गवाही देता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।




